रुद्रपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आयोजित बैठक के दौरान विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल के बीच हुई तीखी नोकझोंक अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। दोनों नेताओं के विवाद के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मुख्यमंत्री धामी ने SIR को एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और व्यवस्थित करना है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से इस प्रक्रिया को समझने और इसमें सहयोग करने की अपील की।
मतदाता सूची की शुद्धता जरूरी: मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल रहें और अपात्र लोगों के नाम नियमानुसार हटाए जाएं। सीएम धामी ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद करने के बजाय SIR की प्रक्रिया को समझें और मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सहयोग करें।
कुमाऊं कमिश्नर के सामने हुई तीखी नोकझोंक
दरअसल, रुद्रपुर में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में SIR, यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान मतदाता सूची में कथित डबल वोट और अन्य आपत्तियों को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई। बताया गया कि इसी दौरान रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों नेताओं के बीच गाली-गलौज के आरोप भी सामने आए, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
आपत्ति दर्ज कराने वालों को धमकाने का आरोप
बैठक के दौरान भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में आपत्ति दर्ज कराने वाले कुछ लोगों को फोन पर और उनके घर जाकर कथित तौर पर धमकाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे भाजपा नेता
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा और अन्य भाजपा पदाधिकारी कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा और कांग्रेस समर्थक भी मौके पर पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन को कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनकी मांग मतदाता सूची को निष्पक्ष और शुद्ध बनाए रखने से जुड़ी है। वहीं, प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और मामले से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।