Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170

शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई का विरोध, गोपेश्वर में छात्रों ने निकाला मार्च


Read Time:5 Minute, 10 Second

चमोली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में उत्तराखंड के गोपेश्वर में छात्रों, युवाओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कैंडल मार्च और मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग की आलोचना की।

मशाल और मोमबत्तियां लेकर निकला विरोध मार्च

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोपेश्वर से हुई, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा एकत्र हुए। इसके बाद हाथों में मशाल और मोमबत्तियां लेकर जुलूस महाविद्यालय परिसर से मंदिर मार्ग तक निकाला गया। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न नारों के माध्यम से अपनी मांगें रखीं और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

परीक्षा प्रणाली में सुधार की उठी मांग

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत और भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना था कि बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कमजोर हो रहा है। उन्होंने मांग की कि भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि यदि लगातार परीक्षा संबंधी अनियमितताएं सामने आ रही हैं, तो इस पर नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसी क्रम में कुछ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी उठाई।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना

प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। उनका कहना था कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए और विरोध प्रदर्शनों को बल प्रयोग से नियंत्रित करने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

संवाद और सुधार पर दिया जोर

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देशभर के युवा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के बेहतर अवसरों की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

कैंडल मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की मांगों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को आगे और व्यापक स्तर पर जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।


Happy

Happy

0 %


Sad

Sad


0 %


Excited

Excited


0 %


Sleepy

Sleepy

0 %


Angry

Angry


0 %


Surprise

Surprise


0 %

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *