Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170

हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद ने पकड़ा तूल, मंगलौर में दलित समाज के साथ कांग्रेस की जनसभा

मंगलौर: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण हवन और गंगाजल छिड़कने की घटना को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमाती जा रही है। कांग्रेस ने अब इस मुद्दे को मंगलौर तक पहुंचाते हुए दलित समाज के बीच जनसभा की और भाजपा पर सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

शुद्धिकरण मामले पर कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ खोला मोर्चा

बताया गया कि 8 अगस्त को हल्द्वानी में खड़गे की जनसभा के बाद रैली स्थल पर हवन किए जाने और गंगाजल का छिड़काव किए जाने की घटना सामने आई थी। कांग्रेस इस मामले को लेकर लगातार भाजपा और हिंदू संगठनों पर सवाल उठा रही है। इसी कड़ी में मंगलौर में कांग्रेस ने दलित समाज के बीच जनसभा आयोजित की। पार्टी ने कथित शुद्धिकरण की घटना को सामाजिक सम्मान और छुआछूत के मुद्दे से जोड़ते हुए भाजपा के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज किया।

बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग हुए शामिल

मंगलौर में आयोजित जनसभा का नेतृत्व स्थानीय विधायक काजी निजामुद्दीन ने किया। कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान कई लोगों के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का भी दावा किया गया। सभा में कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा की। कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प लेने की बात कही।

काजी निजामुद्दीन बोले- जाति के आधार पर शुद्धिकरण दुर्भाग्यपूर्ण

मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने कथित शुद्धिकरण हवन को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में भी देश और प्रदेश में छुआछूत जैसी घटनाओं का सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर उसके किसी स्थान पर आने के बाद वहां ‘शुद्धिकरण’ करना समाज को बांटने वाली मानसिकता को दर्शाता है।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक सम्मान और समानता से जोड़ते हुए कहा कि समाज में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति या पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। मंगलौर की जनसभा के जरिए पार्टी ने इस मुद्दे को आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक बहस से भी जोड़ने की कोशिश की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *