Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170

17 लाख रुपये के बकाया को लेकर विवाद, भाजपा नेता की तहरीर पर पुलिस जांच शुरू

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में रुपयों के लेनदेन से जुड़ा एक मामला पुलिस तक पहुंच गया है। भाजपा के दिवंगत पूर्व सांसद हरद्वार दुबे के पुत्र और भाजपा नेता प्रांशु दुबे की शिकायत पर रकाबगंज थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में बकाया रकम मांगने पर गाली-गलौज, मारपीट, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।

27 लाख रुपये देने का दावा

प्रांशु दुबे, जो गैस एजेंसी का संचालन करते हैं, ने अपनी शिकायत में कहा है कि वर्ष 2022 में उनके पिता के परिचित सुरेश चंद्र ने ग्रामीण बैंक के ऋण का सेटलमेंट कराने के लिए उनकी फर्म के ओवरड्राफ्ट खाते से दो किश्तों में 27 लाख रुपये लिए थे। इसमें 19 लाख रुपये और 8 लाख रुपये की दो अलग-अलग किश्तें शामिल थीं। शिकायत के अनुसार, सुरक्षा के तौर पर सुरेश चंद्र के पुत्र पुष्पेंद्र यादव और पुत्रवधू आरती यादव ने चेक भी दिए थे। छह महीने के भीतर पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया था।

17 लाख रुपये बकाया होने का आरोप

प्रांशु दुबे का आरोप है कि अब तक केवल 10 लाख रुपये ही वापस किए गए हैं, जबकि 17 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने शेष रकम की मांग की तो पहले टालमटोल की गई और बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह बकाया राशि के संबंध में आरोपी के घर पहुंचे तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई और गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया। साथ ही उन्हें छेड़छाड़ के झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि प्रांशु दुबे की तहरीर के आधार पर रकाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

नोट: यह खबर शिकायत और पुलिस में दर्ज एफआईआर पर आधारित है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *