
विश्व प्रसिद्ध Kedarnath Temple यात्रा मार्ग पर बीती रात हुई तेज बारिश के कारण सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हो गया था। भारी बारिश और लैंडस्लाइड के चलते यात्रा मार्ग बाधित होने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। बुधवार सुबह रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी Vishal Mishra खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। डीएम विशाल मिश्रा ने सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पैदल और वाहन मार्ग का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से राहत एवं सुरक्षा कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बीती रात लैंडस्लाइड से प्रभावित क्षेत्रों का भी दौरा किया और मौके पर चल रहे मलबा हटाने व सुरक्षा कार्यों की प्रगति देखी। प्रशासन की टीमों ने खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद लगातार राहत कार्य जारी रखा।
बता दें कि तेज बारिश के चलते सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पर तीन अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन हुआ था, जिससे यात्रा मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। हालांकि प्रशासन, पुलिस, NDRF और SDRF Uttarakhand की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता खोल दिया और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत कर यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने यात्रियों से स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, मेडिकल सहायता और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और व्यवस्थाओं की सराहना भी की।
डीएम ने सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक संचालित शटल टैक्सी सेवा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रियों से शटल सेवा की उपलब्धता और संचालन व्यवस्था को लेकर जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सेवा पूरी तरह व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर हर व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि मौसम की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। डीएम विशाल मिश्रा ने कहा कि चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं से जुड़ी हुई है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए सभी विभाग पूरी प्रतिबद्धता और समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।