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32 खापें और किसान संगठन हुए एकजुट, पानी की मांग पर बड़ा ऐलान

हांसी के गांव चानौत में भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से टी-कनेक्शन के जरिए पानी की आपूर्ति की मांग को लेकर शुक्रवार को सर्वखाप महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में प्रदेश की 32 खाप पंचायतों, किसान संगठनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद आंदोलन को और तेज करने की रणनीति तैयार की गई। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। महापंचायत में कलकल, हुड्डा, बारह, सतरोल, रोघी, दूहन, बूरा, आठगामा और पूनिया सहित 32 खाप पंचायतों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सर्वजातीय रोघी खाप के प्रधान हरदीप शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से सरकार को 14 जुलाई तक का समय देने का फैसला लिया गया। खाप नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि तय समय तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन का अगला चरण शुरू किया जाएगा।

हरदीप शर्मा ने बताया कि 15 और 16 जुलाई को विभिन्न जिलों से किसान और खाप प्रतिनिधि जींद पहुंचना शुरू करेंगे। इसके बाद 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इससे पहले सभी खाप पंचायतें अपने-अपने क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन और जनजागरण अभियान भी चलाएंगी। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उन्हें पिछले 56 दिनों से धरने पर बैठना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार ने अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया, जिससे गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

महापंचायत में सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। खाप प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पहले प्रशासन की ओर से टी-कनेक्शन लगाए गए और बाद में उन्हें हटाकर ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए। उनका कहना है कि यह नीति ग्रामीणों के साथ अन्याय है और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए सोशल मीडिया अभियान की भी तैयारी की गई है। धरना समिति के सदस्य अनूप सिंह चानौत ने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले इस मुद्दे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रेंड कराया जाएगा। बड़ी संख्या में युवा एक साथ पोस्ट कर सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करेंगे। यदि इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो 17 जुलाई के बाद आमरण अनशन सहित आंदोलन के अगले चरण का फैसला लिया जाएगा।

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